लालमन का बड़ा बेटा

वर्ष तेरह का हुआ है,

लालमन का बड़ा बेटा,

आठवीं में पढ़ रहा है |

 

आधुनिकता के चलन के  

राज्य से कुछ दूर है,

सहन की मौलिक प्रभा है,

सद्गुणों से पूर है,

ज्ञान की गह्वर शिला की,

मौन स्वीकृति सीढ़ियों पर,

अनवरत वह चढ़ रहा है |

 

प्रथमत: वह, प्रथमता के

मार्ग पर है अग्रसर,

एक भाई, दो बहन हैं,

संतुलित संपन्न घर,

पहल का सौरभ कथानक,

प्रगति के पर्यावरण की,

मूर्ति अनगढ़ गढ़ रहा है |

 

सभ्यता के आचरण पर,

जोर देने लग गया,

उमर से पहले, समय से

बहुत पहले जग गया,

आज का आदर्श है वह,

सफलता के सौम्य पथ पर,

एक नवयुग बढ़ रहा है |

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