आज रामनवमी पूजा है

आज रामनवमी पूजा है

उबल रही है खीर |

 

चैत मास का शुक्ल पक्ष है,

जन्म लिए श्रीराम,

सुष्ठ पुनर्वसु है नक्षत्र,

है कर्क लग्न अभिराम,

थिरक रही हैं मदिर हवाएँ,

गद्गद गगन  अमीर |

 

रानी कौशल्या के अँगना,

उमड़ रही है भीड़,

नेमधरम में जुटा हुआ है,

हँसी-खुशी का नीड़,

हुई सजावट, गहक रहा है

दशरथ का प्राचीर |

 

मंगलकलश भरा गंगाजल,

दिया बालती साँझ,

ढोल चढ़ाने की तैयारी

की चिंता में झाँझ,

अपना रंग दिखानेवाला,

पास पड़ा मंजीर |

 

गई भिगोई डोलचियों में,

चुनी चने की दाल,

नमक और जीरा उद्यत हैं,

बिहँस रहा है थाल,

ठीक भोर में सजी मिलेगी,

पूरी की जागीर |

 

राजमहल में नौबत बजती,

घंटों के सहयोग,

फैले चारोंओर क्षितिज तक,

शंखनाद के योग,

मगन अयोध्या, सरयू का तट,

पहुँचे हुए कबीर

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